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अट्रोसिटी कायदा ..!

अट्रोसिटी हा कायदा जरी 1990 ला अमलात आला तरीही त्याची तरतूद सुरवातीच्या काळातच घटनेत करून ठेवलेली होती,,1990 ते आता पर्यंतच्या कालावधीचा हिशोब लावला तर हा अतिशय अल्प काळ झाला,,भारतात हजारो…

धम्म वाणी

“कायो जिगुच्छो सकलो दुगन्धो।गच्छन्ति सब्बे मरणं अहञ्च।।” “यह काया सब गन्दगी से भरी हुई धृणा करने जैसी है। सब मरण धर्मी है, मैं भी मरने वाली हूँ।”जिसको यह ज्ञान हो…

ऐसे थे गुरुदेव ! अद्भुद प्रशिक्षण

गोयन्का, आओ तुम्हें चलना सिखाएं!” गुरुदेव की करुणाभरी पर चौंकादेने वाली वाणी । मैं कोई घुटनों चलता शिशु तो था नहीं। गुरुदेव चलना क्या सिखायेंगे भला ! पर सचमुच चलना…

महान परित्याग

अपने अनेक जन्मों के परिश्रम-पुरुषार्थ से जब कोई व्यक्ति ‘सम्यक् सम्बुद्ध बनता है तो उसकी लम्बी भव-यात्रा के उस अंतिम जीवन में स्वभावत: अनेक लोग उसके सम्पर्क में आते हैं।…

संवेदना

स्रव कहते हैं बहने को। आस्रव का अर्थ हुआ बहाव । नासूर में से जो द्रव सतत बहता रहता है उसे आस्रव कहते हैं। चित्तधारा में विकारों की जो गंदगी…

आत्मकथन : कैसे सज्जन लोग ! ऊ-छां-ठुन ।

भगवान के सम्पर्क में आने के पहले सारिपुत्र पंचर्गीय भिक्षु अर्हत अश्वजित से मिले। उन्हीं के मुँह से पहले पहल शुद्ध धर्म के मांगलिक बोल सुने –ये धम्मा हेतुप्पभवा, तेसं हेतुं…

May 2, 2018

“4 तरह के लोग संसार में “  (1)जिनके जीवन में अंधकार है यानि गरीबी है, व्याकुलता है। फिर भी वह क्रोध जगाता है, द्वेष जगाता है।इसने ऐसा कर दिया इसलिये…